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मंगलवार, 26 मार्च 2013

Arvind Kejriwal’s health dips, spirit high

Arvind Kejriwal’s health dips, spirit high -- 1.86 lakh electricity consumers pledge to default!

Addressing the people on the fourth day of the satyagraha against unfair rate of water and electricity, Arvind Kejriwal said his health deteriorated since yesterday’s speech and, hence, he would speak less this time. Assuring the people at large, however, he proclaimed, "Sharir kamzor zaroor hai, magar hausle buland hain (I am only physically weak; my spirit has not dampened)."

In the evening, his Blood Pressure was 114/70, Pulse was 75 and Sugar was 85. He has lost 5 kg of body weight in the last four days, Kejriwal’s medical team informed.

By the end of Day 3, i.e. March 25th, 186697 satyagrahis had signed protest letters to Shiela Dikshit pledging that they would not pay the inflated bijli-pani bills.

Today, general secretary of Delhi Resident Welfare Association Federation — an association of 51 RWAs under its fold — DC Prajapati pledged the support of the outfit to the indefinite fast for people’s cause. He said he would be getting the protest letters addressed to Shiela Dikshit signed by people living in these areas.

As the day progresses, residents of Sunder Nagari would light a huge pyre of inflated bijli-pani bills at around 7pm. On the eve of Holika dahan, hundreds of people would assemble near F-Block in Sundar Nagari. ((Photographs of the same would be made available on the website: www.aamaadmiparty.org))

On stage, family members of one Rasida Begum, 64, who lives in a one room shanty in Inderlok with her handicapped son came to complain she has received an inflated bill of Rs 1,15,868. She has a question to ask Delhi Chief Minister Shiela Dikshit, "My handicapped son and I are unemployed. I paid Rs 15,000 last year after taking a loan. How can I pay this bill of over 1 lakh?"

Ram Kishori is a widow who lives in Dwarka Phase 3. She works as a domestic help to make her ends meet. She had received a bill of Rs 53,000. On non-payment of the bill, her supply of electricity to her house was disconnected. She asks, "I am a widow, how can I pay this bill with my meagre income?"

18-year old Neha''s father is a scrap dealer. He barely manages to feed six mouths with a measly income of Rs 5,000 a month. The family has received an electricity bill of about Rs 2,500. Neha asks, "If my father pays Rs 2,500 for electricity, what will our family eat; how will we study?"

Inviting all such victims of the Delhi Government-discoms nexus on stage or hearing patiently their tales of woes outside, AAP activist Manish Sisodia said that there were only two ways the ruling class ensures its rule lasts for ever: instilling fear and greed in the minds of the people; “greed in a few, and fear in most”. The need of the hour is to get over the fear of oppression by the ruling class, he said while informing the audience that the government, which has started feeling the heat of the movement, has started misusing the police to scare activists of the AAP. Posters, hoardings, banners and other publicity material of the party are being pulled down from across the city, and volunteers are being manhandled by the police, Sisodia informed.

सोमवार, 11 मार्च 2013

हमे किसी सवाल से कोई आपति नही:- आम आदमी पार्टी

Photo: जब से दिल्ली में आम आदमी पार्टी की जनसभाएं शुरू हुई या फिर कोई भी पोल खोल की प्रेस कांफ्रेंस, रोज़ कोई न कोई ऐसी घटना ज़रूर होती जब, किसी दल का प्रायोजित शख्स बीच में आकर मुद्दों से भटकाने के लिए इधर उधर के सवाल पूछना शुरू कर देता !! लेकिन अरविन्द ने कभी किसी के सवाल को नज़रंदाज़ नही किया !! यही कुछ कल पालम की जनसभा में हुआ !! जगदीश शर्मा नाम का शख्स,जिस पर पहले से आपराधिक केस चल रहे हैं, सभा में आकर अरविन्द केजरीवाल सेप्रशांत भूषण से संम्बंधित, बिजली पानी आन्दोलन से सम्बंधित कुछ सवालकरने लगा, जिनका जवाब अरविन्द बड़ी विनम्रता से दे भी रहे थे, पर अचानक ही वो अतिउत्तेजित हो गए, साथ ही वो अरविन्द केजरीवाल की जगह सभा को संबोधितकरना चाह रहे थे!! लोगों के ऐतराज पर कार्यकर्ताओं ने उसे वहां नीचे उतारकर पुलिस को दे दिया, जिसे बाद में बड़े ही गलत तरीके से प्रचारित किया गया है !!जगदीश शर्मा का यही इतिहास रहा है!! ये पेशेवर प्रायोजित आदमी हैं, जिनका मकसद है आम आदमी पार्टी की सभाओं को भंग करना !! इससे पहले भी कापसहेड़ा में, 3 महीने पहले इन्होने यही किया था पर तब कार्यकर्ताओं ने, चाय नाश्ता समोसे, कराकर शांत करा दिया !! कल हम जनसभा में आवभगत नही कर पाए तो जगदीश ने जम कर बखेड़ा खड़ा कर दिया!! यहाँ तक कि कई मीडिया वाले भी कल इसी फिराक में थे कि कोई खबर बनायीं जाए !! हमारी सबसे विनम्र अपील है हम आप ही में से आये लोग हैं !! हम कोई मनमोहन सिंह नही, जो देश सवाल करे तो शायरी करके निकल जाएँ !! हमे किसी सवाल से
कोई आपत्ति नही, बशर्ते आप उसे लोकतांत्रिक दायरे में रहकर पूछें !! आप
सभी के पास हमारे ऑफिस का पता है, आपके मन में जितनी शंकाएं हैं, सबके
निवारण हेतु किसी भी स्वस्थ बहस के लिए आप जब मर्ज़ी आयें,पर हाथापाई के लिए नही, क्यूंकि उसमे हमारी हार ही होगी !! आपका स्वागत है !जब से दिल्ली में आम आदमी पार्टी की जनसभाएं शुरू हुई या फिर कोई भी पोल खोल की प्रेस कांफ्रेंस, रोज़ कोई न कोई ऐसी घटना ज़रूर होती जब, किसी दल का प्रायोजित शख्स बीच में आकर मुद्दों से भटकाने के लिए इधर उधर के सवाल पूछना शुरू कर देता !! लेकिन अरविन्द ने कभी किसी के सवाल को नज़रंदाज़ नही किया !! यही कुछ कल पालम की जनसभा में हुआ !! जगदीश शर्मा नाम का शख्स,जिस पर पहले से आपराधिक केस चल रहे हैं, सभा में आकर अरविन्द केजरीवाल सेप्रशांत भूषण से संम्बंधित, बिजली पानी आन्दोलन से सम्बंधित कुछ सवालकरने लगा, जिनका जवाब अरविन्द बड़ी विनम्रता से दे भी रहे थे, पर अचानक ही वो अतिउत्तेजित हो गए, साथ ही वो अरविन्द केजरीवाल की जगह सभा को संबोधितकरना चाह रहे थे!! लोगों के ऐतराज पर कार्यकर्ताओं ने उसे वहां नीचे उतारकर पुलिस को दे दिया, जिसे बाद में बड़े ही गलत तरीके से प्रचारित किया गया है !!जगदीश शर्मा का यही इतिहास रहा है!! ये पेशेवर प्रायोजित आदमी हैं, जिनका मकसद है आम आदमी पार्टी की सभाओं को भंग करना !! इससे पहले भी कापसहेड़ा में, 3 महीने पहले इन्होने यही किया था पर तब कार्यकर्ताओं ने, चाय नाश्ता समोसे, कराकर शांत करा दिया !! कल हम जनसभा में आवभगत नही कर पाए तो जगदीश ने जम कर बखेड़ा खड़ा कर दिया!! यहाँ तक कि कई मीडिया वाले भी कल इसी फिराक में थे कि कोई खबर बनायीं जाए !! हमारी सबसे विनम्र अपील है हम आप ही में से आये लोग हैं !! हम कोई मनमोहन सिंह नही, जो देश सवाल करे तो शायरी करके निकल जाएँ !! हमे किसी सवाल से
कोई आपत्ति नही, बशर्ते आप उसे लोकतांत्रिक दायरे में रहकर पूछें !! आप
सभी के पास हमारे ऑफिस का पता है, आपके मन में जितनी शंकाएं हैं, सबके
निवारण हेतु किसी भी स्वस्थ बहस के लिए आप जब मर्ज़ी आयें,पर हाथापाई के लिए नही, क्यूंकि उसमे हमारी हार ही होगी !! आपका स्वागत है !

रविवार, 3 मार्च 2013

आम आदमी से कुछ प्रश्न और उनके उत्तर

प्रश्न:- क्या आप इस देश की राजनितिक व्यवस्था से परेशान है?
उत्तर:-हाँ! मुझे इस देश के नेताओ पर विश्वास नही.......

प्रश्न:-क्या आप देश में हो रहे भ्रस्ताचार से परेशान है?
उत्तर:- हाँ!बहुत

प्रशन:-क्या आप इस व्यवस्था को बदलने के लिए करेंगे?
उत्तर:-नही! ये काम तो सरकार और नेताओ का है!

प्रश्न:- पर आपने तो कहा है आपको विश्वास नही नेताओ पर?
उत्तर:- और हम क आर भी क्या सकते है? इतनी बड़ी राजनितिक ताकतों के आगे हम है ही क्या?


आप वर्तमान राजनितिक व्यवस्था से परेशान है, देश में हो रहेभ्रष्टचार से भी प्रेषण है पर उसे बदलने के लिए कुछ करना नही चाहते!
आप नौकरी करना चाहते है..कमाना चाहते है, अपने बच्चो  को अच्छी शिक्षा और अच्छा जीवन देना चाहते है!
और इसी कारण आपकी हिम्मत नही होती इन बड़ी भ्रष्ट राजनतिक ताकतों से टक्कर लेने की!

पर एक "आम आदमी" अरविन्द केजरीवाल ले रहा है उनसे टक्कर... क्या आप उनका  साथ भी नही देंगे?
खड़े भी नही होंगे उनके साथ?

 

शनिवार, 2 मार्च 2013

प्रश्न:-Aap के बनने से बीजेपी के वोट काटेंगे और कांग्रेस को फायदा होगा

उत्तर:- वैसे इस प्रश्न के ३ भाग है, हम तीनो पर बात करेंगे.
१) कांग्रेस को फायदा होगा, अरविन्द जी कांग्रेस के एजेंट है (बोलने वाले पर हंसी आती है):- पिछले २ सालों के अन्दर कौन सी पार्टी देश में सबसे नफरत की जाने वाली पार्टी बन गयी है? "कांग्रेस".
और ये हुवा है अन्ना जी और अरविन्द जी के अनशन और खुलासों के कारण. बीजेपी ने ना तो आन्दोलन किया ना कुछ खुलासे ना वो कोर्ट गए. तो कांग्रेस को जो भरी नुकसान होने वाला है अगले चुनावों में वो अरविन्द जी की बदोलत ही है. नहीं तो अभी कांग्रेस वापस जीतने की इस्तिथि में होती और बीजेपी सोती रहती हमेशा की तरह.

२) बीजेपी के वोट काटेंगे:- वैसे ये वोट बीजेपी के कब से हो गए? वोट तो जनता के होते है और वो तय करती है किसे देना है किसे नहीं. वैसे वोट तो काटेंगे, पर वोट तो सारी पार्टियों के कटेगे. AAP को समर्थन जो लोग आज कर रहे है उन में से कई कांग्रेस समर्थक थे, तो कई बीजेपी, BSP, SP और अन्य पार्टियों के समर्थक थे.
बीजेपी के ये समर्थक तो इस तरह से बोल रहे है जैसे जनता के वोट पर इन का ही हक है बस, और ये लोग तय करेंगे की जनता कहाँ वोट देगी?? बीजेपी वालों की ये सोच इन की वोट बैंक की राजनीती की मानसिकता को दर्शाता है. इन के लिए आम आदमी बस एक वोट बैंक है, जो किसी भी तरह इन को मिलजाना चाहिए और अगर वो कहीं और अच्छी जगह जाये तो इन्हें परेशानी होती है.
अरे वोट लोगों का खुद का होता है और वो खुद अपनी समझ से अपने लिए जो सही होगा उस को वोट देंगे.
३) बीजेपी चुनाव हारेगी:- वो तो बिलकुल हारेगी, बीजेपी कांग्रेस भाई भाई है. क्या अंतर है दोनों में? तो जब एक बहतर विकल्प है जनता के पास तो जनता उस को ही चुनेगी. वैसे अभी हाल ही में बीजेपी २ राज्यों में चुनाव हारी और UP में कुछ खास नहीं कर पाई. इन तीनो राज्यों में न तो AAP ने चुनाव लड़ा न ही अरविन्द जी ने प्रचार किया, फिर क्यों हार गयी बीजेपी? "अपने बुरे कर्मो की वजह से ही शायद." जो भी इन्सान देश को भ्रस्टाचार, महंगाई, बेरोजगारी, अपराध मुक्त देखना चाहता है और इस देश में एक अच्छी राजनीती चाहता है वो AAP को ही वोट देगा.
बीजेपी वालो ने सोचा था की अन्ना और अरविन्द के आन्दोलन से इन को बैठे बिठाए फायदा मिल्जेगा, और अब वैसा होते हुवे नहीं दिख रहा है तो ये रोने लगे है और "अरविन्द हाय हाय" चिल्ला रहे है बस.
 We Want Arvind Kejriwal As India Pm (आप समर्थित पेज)

शुक्रवार, 22 फ़रवरी 2013

Convey your best wishes (get well soon) to Deepak Chaourasia on 9873232312

इन महासय का नाम है, दीपक चौरसिया और कुछ दिन पहले तक ये ए.बी.पी. न्यूज़ में पत्रकार हुआ करते थे
परन्तु आज कल इंडिया न्यूज़ नामक एक नये न्यूज़ चेनल जो विसुध रूप से जेसिका लाल के हत्यारे मनु शर्मा नामक कांग्रेसी का चेनल है, जिस प्रकार दीपक चौरसिया "आम आदमी पार्टी" और अरविन्द केजरीवाल जी के खिलाफ नाकरात्मक पत्रकारिता कर रहे है, उस से लगता है ये काफी बीमार हो गये है.. आओ मिलकर इन्हें पत्रकारिता का धर्म समझाये...
इन्हें गेट वेल सून की विसेस भेजे... इस नम्बर पर.... +91 9873232312

गुरुवार, 21 फ़रवरी 2013

आम आदमी पार्टी के आलोचकों से कुछ प्रश्न:

* यदि अरविन्द केजरीवाल की पार्टी के सत्ता में आने की संभावना नगण्य है तो समस्या कहाँ है ?
* यदि अरविन्द केजरीवाल की पार्टी सत्ता में आ भी जाती है तो वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था की अपेक्षा क्या अधिक बुरा होगा ?
*
यदि ग्राम सभा को मामलों में नीति बनाने का अधिकार देना गलत है तो यह कहाँ तक उचित है की संसद वैसी ही नीति बनाए ?
* हमारे राजनेता संसद को कब्जे में रखकर इसी प्रकार मनमानी करते रहें और जनता को कोई वकल्प नहीं दिखा तो जनता अगर लीबिया जैसे हर समस्या का समाधान राजनेताओं को सूली पर चढ़ाना मान ले तो जनता का क्या दोष ?
* भारत में अभी वैसी स्थिति नहीं है क्योंकि भारत में लोकतंत्र है जहां राजनेताओं को वोट की सूली पर चढाने का अधिकार जनता को प्राप्त है । ऐसे में यदि कोई दल यह विकल्प जनता के सामने रखे तो इतनी तिलमिलाहट क्यों ?
* पक्ष-विपक्ष के नाम पर बने एक राजनीतिक गिरोह को तोड़ने का काम अन्ना हजारे करें, रामदेव करें, अरविन्द केजरीवाल करें, आम आदमी पार्टी करे या मीडिया -उसकी समीक्षा होनी चाहिए या आलोचना ?

कौन हैं अरविंद के विरोधी ??


आजकल अरविंद के कट्टर् विरोधी हैं - भ्रष्टाचारी, कांग्रेसी, और अन्धे मोदी-भाजपा भक्त .....इनके विरोध के अपने अपने कारण, वो हम सब जानते हैं.....लेकिन अरविंद े विरोधियों में ऐक तपका है - सनकी, निंदक, स्वार्थी, दोषदर्शी (CYNIC), शक्कीमिज़ाज़, संशयवादी (SKEPTIC), नकारात्मक सोच वाले लोगों का ...आज हम इन लोगों की बात करेंगे ......ये वो लोग है जो अरविंद को ना समझते हैं और ना समझना चाहते हैं ...ये वो लोग है जो हर उस व्यक्ति में कमियां ढूँढ़ते, उसकी मंशा पर शक करते हैं, जो देश के लिए कुछ अच्छा काम करता है ....भ्रष्टाचार से लड़ता है .....इन लोगों का सिर्फ एक ही काम है अरविंद की कमियां ढूँढना, अरविंद का बेवजह विरोध करना, अरविंद की हर बात पर बेवजह आलोचना करना .....अरविंद के बारे में उलजलूल बातें करना ...अरविंद को गालियाँ देना...अरविंद के अच्छे काम इनके लिए कोई मायना नहीं रखते ....यह सनकी, निंदक, स्वार्थी, दोषदर्शी (CYNIC), शक्कीमिज़ाज़, संशयवादी (SKEPTIC), नकारात्मक सोच वाले लोग देश का सबसे बड़ा दुर्भाग्य हैं .....

दीपक चौरसिया को आम आदमी का जवाब

जबसे आपने अपने नए  चैनल मैं पत्रकारिता शुरू की है, आप अन्ना आन्दोलन और उससे जुड़े लोगो पर विशेषकर अरविन्द केजरीवाल को निशाने पर रखकर तरह तरह के आरोप लगा रहे है। ये आरोप ऐसे लोगो के बयानों पर टिके है। जिनकी अपनी ही निष्ठा, न सिर्फ सवालों के घेरे में है, बल्कि इनमे से एक तो आन्दोलन के खिलाफ षड्यन्त्र करते हुए ऑन कैमरा पकडे भी जा चुके है।

जो थोड़े बहुत लोग आपका यह चैनल देख पा रहे हैं उनकी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया से आप अंदाज़ा लगा सकते हैं की जनता सब समझ रही है। सोशल  मीडिया पर आपको इस हरकत के लिए जितने अपशब्द कहे जा रहे हिं उतने शायद ही कभी किसी को सुनने पड़े हों। ऐसे में प्रशन यह उठता है की फिर भी दीपक चौरसिया यह क्यों कर रहे हैं? इंडिया न्यूज़ यह क्यों कर रहा है?
1. पहला कारण तो यही हो सकता है के आप अपने नए चैनल की टीआरपी तेजी से बढ़ाना चाहते है। यह तो आप जानते ही हैं की भ्रस्टाचार के खिलाफ लामबंद देश,  अन्ना  आन्दोलन से जुडी खबरों मैं खूब दिलचस्पी लेता है। और आप इस समय अपने चैनल को लोकप्रिय बनाने के लिए  यह हथकंडा अपना रहे हैं, आप इस तर्क को शूटिंग द  मेसेन्जर का तर्क कह कर ख़ारिज कर सकते है लेकिन हब मेसेज ही कुछ न हो और जनता को लगे की मेसेज दुर्भावना से प्रेरित है तो मेसेंजर की नियत पर शक होना लाजमी है।
2. दूसरा कारण यह हो सकता है की क्या दीपक चौरसिया किसी बड़े एजेंडा का हिस्सा बनकर तो यह सब नहीं कर रहे? थोड़ी भी गहराई से देखते है तो यह बात समझ मैं आती है। इंडिया न्यूज़ कार्तिकेय शर्मा का चैनल हे जो जेसिका लाल के हत्यारे का भाई है और कांग्रेसी नेता और विधायक विनोद शर्मा के पुत्र है। यानी क्या यह सब कांग्रेस की साजिश के तहत तो नहीं किया जा रहा? क्या यह कांग्रेस की साजिश तो नहीं ‘आम आदमी बनाम सत्ता की लड़ाई’ को ‘आम आदमी पार्टी बनाम एक कांग्रेसी चैनल के संपादक की लड़ाई’ में बदल दिया जाये। पिछले दो साल में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई से ध्यान भटकने के लिए अब तक कई साजिशें रची जा चुकी हैं।
बहरहाल, कारण जो भी हों, यहाँ मोटे तौर पर दो मुद्दे उठते हैं।
1. पहला तो यह की, आपने आन्दोलन से जुड़े लोगो पर, विशेषकर अरविन्द केजरीवाल पर कुछ आरोप लगाये हैं, हालाँकि यह तमाम आरोप मनगढ़ंत हैं, लेकिन फिर भी यदि आपको ये इतने ठीक लगते हैं तो ये मामला सिर्फ इंडिया न्यूज़ का नहीं देश का बन जाता है, ऐसी बहस फिर इंडिया न्यूज़ पर नहीं, एक चैनल से ऊपर उठकर, देश के सामने होनी चाहिए, अगर आप ऐसा कोई प्रयास करें तो हम उसका तुरंत स्वागत करेंगे। उसमे आन्दोलन से जुड़े सभी प्रमुख व्यकतियो को शामिल करिए, आन्दोलन से जुड़े सबसे प्रमुख व्यक्ति आदरणीय अन्ना हजारे जी ही हैं, उनका इसमें रहना अति आवश्यक है, उनके न रहने पर, बहस मैं जुड़ा हर व्यक्ति दावा करता रहेगा की अन्ना जी यह चाहते थे, अन्ना जी वह चाहते थे, सच तो तभी सामने आ सकता है जब अन्ना जी खुद बताएँगे की वे क्या चाहते थे।
2. दूसरा मुद्दा पिछले 10 दिन के आपके चैनल के कार्यकर्मो ने एक और अहम् सवाल खड़ा किया है, वह पत्रकारिता से जुड़ा है। इतिहास गवाह है की जब जब देश की अंतरात्मा पर हमला हुआ है तब तब ईमानदार और देशभक्त पत्रकारों ने अपनी जान की बाज़ी लगाकर भी इसकी रक्षा की है। पत्रकारिता का काम ही मानवता और देश की अंतरात्मा की रक्षा रहा है।
लेकिन इंडिया न्यूज़ तो जेसिका लाल के हत्यारे के परिवार का चैनल है। दामिनी मामले की ही तरह जेसिका लाल हत्याकांड से भी देश की अंतरात्मा को गहरी चोट लगी थी, जिस तरह दामिनी मामले में लोग सडको पर उतरे थे, उसी तरह जेसिका लाल मामले ने भी देश को झकझोरा था। सारा देश जानता है की जेसिका लाल हत्याकांड में इंडिया न्यूज़ चैनल के मालिको के परिवार ने किस तरह गवाहों और सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश की थी, अब सवाल यह उठता है की देश की अंतरात्मा मैं छुरा घोपने वाले ये लोग अगर लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ को संभालेंगे तो क्या लोकतंत्र और देश के बचे रहने की उम्मीद बची रह जाती हें क्या किसी भी तरह के व्यक्ति, वो चाहे लड़कियों के व्यापारी हों, भ्रष्ट-अपराधी, चरित्रहीन, हत्यारे, शराब के ठेकेदार इत्यादि कोई भी, लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ का मालिक बनकर बेठ सकता है?
लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ की पवित्रता को बचाए रखने के लिए क्या यह जरुरी नहीं हो जाता की इंडिया न्यूज़ अपनी फंडिंग के स्त्रोत भी जनता के सामने लगातार प्रस्तुत करता रहे? क्या बाकी खबरों की तरह इंडिया न्यूज़ पर यह खबर भी लगातार टिकर के जरिये लोगो तक नहीं पहुचाई जानी चाहिए की यह चैनल एक कांग्रेसी विधायक और पूर्व केंद्रीय मंत्री का चैनल है?
ये मुद्दा भी इसी बहस से जुड़ा है जिन्हें आप उठा रहे है, और इन्हें हम भी उठाना चाहेंगे, लेकिन इस पर सार्थक बहस तभी हो सकती है जब इस बहस से जुड़े अहम् किरदार इसमें शामिल हो,इसलिए इससे जुड़े प्रमुख किरदार विनोद शर्मा और कार्तिकेय शर्मा के बिना भी यह बेहेस अधूरी होगी, आप उन्हें भी इसमें बुलाइये,
साथ ही दोनों मुद्दों की समझ रखने वाले देश के कुछ बड़े पत्रकार भी इसमें शामिल हो सके तो अच्छा रहेगा। यह बहस किसी टीवी चैनल की टीआरपी के लिए नहीं, देश और लोकतंत्र के भविष्य के लिए बहुत जरुरी है, आप इस बहस को आयोजित कीजिये हम इसमें शामिल होने को तैयार है, पर ध्यान रखिये की यह मुद्दा सिर्फ इंडिया न्यूज़ का नहीं, दीपक चौरसिया की यह पहल सिर्फ इंडिया न्यूज़ के लिए नहीं बल्कि देश के लिए होनी चाहिए, इसमें सभी टीवी चैनल्स को उसे प्रसारित करने के लिए आमंत्रित किया जाना चाहिए, ऐसे में अगर दीपक चौरसिया उसकी एंकरिंग करेंगे तो कोई दूसरा चैनल इसमें दिलचस्पी नहीं लेगा, इसलिए, इसकी एंकरिंग देश के किसी नामी गिरामी, निष्ठावान व्यक्ति से कराई जानी चाहिए, यह बहस जंतर-मंतर पर आम जनता की मौजूदगी में हो और 15-20 दिन तक इसका व्यापक प्रचार हो ताकि जनता को समय रहते सूचना मिल सके।
अगर आपमें हिम्मत है तो अपने चैनल पर, इस पत्र को पूरा पूरा पढ़कर उतनी ही बार सुनाइये जितनी बार, आप इस मुद्दे पर अन्य लोगो के बयानों को दिखाते रहे हैं। हालांकि आपकी पिछले 10 दिन की पत्रकारिता को देखत हुए हमे लगता है की या तो आप इसे दिखायेंगे ही नहीं या फिर इसकी कुछेक लाइनों को ही तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत करेंगे। क्या यही दीपक चौरसिया की पत्रकारिता है?
आप अपना धर्म पूरा कीजिये। हम अपना धर्म निभाते रहेंगे। कुदरत हमे अपने-अपने कर्मो का फल समय पर अवश्य देगी।
भवदीय
संजय सिंह
प्रवक्ता, आम आदमी पार्टी
दिनांक: 21 फरवरी 2013

ये है भय्यु जी महाराज

अरविन्द जी पर आरोप लगाने वाले बैय्यु जी की हकीकत अब आप सब देख लीजिये...उनके खिलाफ एक महिला ने आरोप लगाया हुआ है की वो उनके बच्चे के पिता है....यानि ये महाराज तो एन डी तिवारी के घराने से आये लगते हैं...और ये आरोप आज के नही बहुत पुराने हैं....अब एसे लोगों पर आप ही सोचिये एसे लोगों पर आप यकीं कर सकते हैं...वो सायद ये नही जानते सचाई कभी छुप नही सकती...रोटी हम भी खाते हैं भाई साहब रूखी सूखी ही सही....
see full news ....

http://www.mid-day.com/news/2005/may/109240.htm

स्वामी अग्निवेश की असलियत

अन्ना को किसी समय पागल हाथी कहने वाले लोग अब फिर से आन्दोलन को बदनाम करने के लिए आगे लाए गए हैं। उनकी बकवास और झूँठ बातें हैडलाइन बनाकर चलाई जा रही हैं।


और यह काम हो रहा है जेसिका लाल के हत्यारे कांग्रेसी नेता के चैनल पर। क्या यह आम आदमी के गुस्से से घबराई कांग्रेस का एजेंडा फिक्सिंग षड्यंत्र नहीं है?
Swami Agnivesh talking to Kapil Sibal:




Swami Agnivesh confesses to Kapil Sibal on Aap ki Adalat: 



बुधवार, 20 फ़रवरी 2013

इंडिया न्यूज पर अन्ना ने किया दीपक चौरसिया को शर्मसार !!!!


अन्ना ने इंडिया न्यूज़( दीपक ) को कहा की हम मैं कोई फर्क नहीं है, आप / आन्दोलन कोई अलग नहीं है तुम हम लोगो मैं झगड़ा मत लगाओ. अन्ना ने मुहु तोड़ जबाब दिया और कहा हम लोग एक है…
इंडिया न्यूज पर जेनरल बी.के.सिंह,और अन्ना हजारे के बयानों के बाद दीपक का चेहरा देखने लायक था. उसका हर वार खाली गया. क्योंकि वह जो भी कहवाना चाह रहा था उसे कोई नहीं कहा,उलटे उसे ही नसीहत मिली,पर बेहया लोग को शर्म नहीं आती. पर इतना तो साफ हो गया है है की उनकी यह प्रयास अन्ना और अरविन्द के लोगों को करीब लेन में बहुत बड़ा रोल अदा किया है. आज लोग एक दुसरे के साथ काम करने की बात सोचने लगे है.

मंगलवार, 19 फ़रवरी 2013

स्वामी अग्निवेश के अरविन्द केजरीवाल पर बेबुनियाद आरोप

देश का एक राजनीतिक दल बुरी तरह से बौखलाया हुवा है. वो समझ गया है की दिल्ली में उस का असली मुकाबला बीजेपी से नहीं बल्कि जनता की पार्टी AAP से होगा. इस ही लिए वो तरह तरह के हथकंडे (कभी कभी गैरकानूनी) अपना रहा है अरविन्द जी और AAP को बदनाम करने के लिए.
1) अभी कुछ दिनों पहले उस दल के समर्थको ने फेसबुक के 2 AAP समर्थक पेज हैक कर लिए और उन पर उल्टा सीधा पोस्ट किया ताकि AAP बदनाम हो जाये.
2) अभी स्वामी अग्निवेश ने ये बयान दिया की अरविन्द जी चाहते थे की अन्ना जी जंतर-मंतर पर जन लोकपाल आंदोलन में अनशन करते हुवे मर जाये. मीडिया वाले ये न्यूज़ तो दिखा रहे है पर किसी मीडिया वाले ने अग्निवेश से ये नहीं पूछा की "जो बोला उस का कोई सबूत भी है की नहीं"? वैसे अग्निवेश के बारे में आप सभी जानते ही होंगे की उन को टीम अन्ना की जासूसी करते हुवे रंगे हांथों पकड़ा गया था और फिर टीम से निकल दिया गया था. इस अग्निवेश ने ही अन्ना जी को पागल हाथी कहा था. ये विडियो देखे इस का सबूत:- 



3) "इंडिया न्यूज़" चेनल अभी अभी वापस चालू हुवा है, और जब से चालू हुवा है AAP और अरविन्द जी के खिलाफ कुछ भी उल्टा सीधा बिना सबूत के दिखा रहा है. क्यों??? "इंडिया न्यूज़" चेनल "मनु शर्मा" के पिता का है, मनु शर्मा आप सभी जानते ही होंगे की "जेसिका लाल" का हत्यारा है. मनु शर्मा का पिता कांग्रेस से जुड़ा हुवा भी है. तो अब आप समझ ही सकते है की क्यों वो इस तरह की न्यूज़ दिखा रहे है.

शुक्रवार, 15 फ़रवरी 2013

मंगलवार, 12 फ़रवरी 2013

अगर हम देश को कुछ दे नही सकते,तो हमे इससे कुछ लेने का भी कोई अधिकार नही:- अरविन्द केजरीवाल

देश की दुर्गति की सबसे बड़ी वजह है,कि यहाँ भ्रष्ट आदमी सत्ता में हैं और ईमानदार सिर्फ शिकायत करके चुप हो जाते हैं !!

युवा जो की देश का भविष्य है,वो यहाँ शिक्षा लेता है,और सेवा देने विदेश चला जाता है !! सबको समस्याएँ हैं,पर हर कोई बगले झाँक रहा है,कि दूर कौन करे !! हम भ्रष्टाचारियों की ताकत के कारण शोषण सहन नही कर रहे,बल्कि हमारी लाचारी के कारण शोषित बने बैठे हैं !! हमारी ही जेब से निकला 100 का नोट,वापिस हम तक चिल्लर बन कर पहुँचता है !! यकीन मानिए दोषी भी हम ही हैं !! जब भी देश के लिए लड़ने की बात आती है,चहूं और सन्नाटा पसर जाता है !!
पर अब एक मौका मिला है !! शायद ये आखिरी मौका ही हो,क्यूंकि जनता का जोश वापिस चरम तक पहुँचने में सालों लग जाते हैं !!
देश सेवा के लिए अस्तित्व में आई "आम आदमी पार्टी" का भविष्य देश के हर आम आदमी पर निर्भर है,और देश के हर आम आदमी का भविष्य इस नव जनित पार्टी पर !! इसके मालिक आप हैं !! इसके कार्यकर्ता आप हैं !! हमारे पास किसी को देने के लिए कुछ नही,सिवाय इस वादे के कि अगर आप साथ आये,तो देश को एक सुनहरा सवेरा मिल सकता है !! हम कोशिश ही कर सकते हैं,और कोशिश करने वालों की कभी हार नही होती !!
एक बात ध्यान में रखिये "अगर हम देश को कुछ दे नही सकते,तो हमे इससे कुछ लेने का भी कोई अधिकार नही"


Arvind Kejriwal की  फेसबुक वाल से साभार ...

अरविन्द केजरीवाल 2013 के भारत का एक भगत सिंह !

अरविन्द केजरीवाल 2013 के भारत का एक भगत सिंह !

अरविन्द जी ने IIT खरगपुर,उत्तर प्रदेश से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की और उतीण अंको से डिग्री प्राप्त की जो अरविन्द जी को देश विदेश कही भी उचि सैलरी वाली नौकरी दिला सकती थी ! अरिविंद जी चाहते तो मल्टीनेशनल कंपनी मे आपके और मेरी तरह लाखो कीसैलरी वाली नौकरी कर सकते थे पर उन्होंने आईएस (IAS ) की तयारी की , वोह देश के लिए कुछ कर सके !
1993 मे उन्होंने सिविल सर्विस मे सफलता के साथ IRS सेवा मे शामिल हुए , पर जब अरविन्द जी ने लोकसेवा के नाम पर होने वाले घोटालो और ऑफिस मे भ्रष्टाचार से लिप्त,सेवाए देखि तोह उन्होंने परिवर्तन नाम से एक सस्था की शुरुवात की जो , सरकारी ऑफिस मे भ्रष्टाचार से होने वाली शिकायतों पर मदद करती थी !
उन्होंने "पर्वितन " मे काम करने के लिए 2000 मै IRS सेवा से छुटी लेकर तन मन धन से गरीब लोगो की सेवा मे लग गए !
तभी RTI कानून के बारे मे अरविन्द जी को पता चला जोमहारास्ट्र मे अन्ना जी और अरुणा जी द्वारा लाया गया था अरविन्द जी ने देखा की RTI के कानून से हम भ्रष्टाचार पर लगाम लगा सकते है उन्होंने RTI कानून की जानकारी पुरे देश मे जगह जगह घूम कर लोगो को समझाया और RTI कानून से
सरकारी कामो मे भ्रष्टाचार का कैसे पर्दाफाश करे लोगो तक ले गए !
उन्होंने अपनी संस्था"PCRI " से RTI अवार्ड ,RTI एक्टिविस्टओ को दिए की उनका मनोबल बड़े और वोह और RTI द्वारा भ्रष्टाचार का पर्दाफाश करे !
पर धीरे धीरे RTI एक्टिविस्ट लोगो पर भ्रष्टाचार करने वाले गुंडे और राजनेता लोगो के जुल्म और अत्याचार बरने लगे , करीब देश भर मे 100 से अधिक RTI एक्टिविस्ट लोगो का कतल हो गया !
पर किसी एक को भी इन्साफ नहीं मिला , तब अरविन्द जी इस बात से अवगत हुए की ,जब तक कोई कड़ा कानून ना आये जो
भ्रष्टाचार करने वाले लोगो को सजा दिल सके तब तक देश का सुधर नहीं हो सकता !
तब अरविन्द जी ने प्रशांत भूषण जी के साथ मिलकर , जन लोकपाल कानून पर काम किया और अना हजारेजी से अनुरोध किया की अन्ना जी जन लोकपाल के लिए साथ मे आकर , देश को जागरूक करे !
पर 2010 से 2012 तक , अनशन करने पर भी देश की सरकार ने जन्लोकपाल कानून को पास नहीं किया ! इसका एकमात्र कारण ये था की देश की संसद मे खुद चोर , डाकू, लूटेरे और बलात्कारी है जो ये खुद जन लोकपाल कभी नहीं ला सकते !
तब अरविन्द जी ने ये व्यवस्था बदलने के लिए आम आदमी पार्टी बनाई ! और आज AAP पार्टी का एक ही उद्देश्य है , की देश की व्यवस्था बदलनी होगी !

शनिवार, 1 दिसंबर 2012

बीजेपी बाँट रही आम आदमियों के वोट

एक बार नसरूद्दीन ने एक लड़के से उसके लिए कुँऐं से पानी खींचने का अनुरोध 
किया। जैसे ही वह लड़का कुँए से पानी खींचने को झुका, नसरूद्दीन ने उसके सिर में जोर से थप्पड़ मारा और कहा, "ध्यान रहे। मेरे लिए पानी खींचते समय घड़ा न टूटे।" 

वहाँ से गुजरते हुए एक राहगीर ने यह सब देखा तो उसने नसरूद्दीन से कहा - "जब उस लड़के ने कोई गल्ती ही नहीं की तो तुमने उसे क्यों मारा?" 

नसरूद्दीन ने दृढ़तापूर्वक उत्तर दिया - "यदि मैं यह चेतावनी घड़े के फूटने के बाद देता तो उसका कोई फायदा नहीं होता।"

मोरल:- बीजेपी के अंध समर्थक अभी भी जाग जाए... क्युकी वो आम आदमियों के वोटो को बाँट कर कांग्रेस को ही जितायेगे..
हमने भी चेतावनी कांग्रेस के जितने से पहले ही दे दी है...
बाकी समझदार को इशारा काफी :p

"आप" का समर्थन करने का कारण...

मैं सिर्फ 19 वर्ष का एक युवा हूँ मेने अब तक सिर्फ एक बार वोट दिया है, चुनाव आते ही मैं बड़ा परेशान हो गयाथा की अब मैं वोट दूँ किसे?
देश की राजनीती में तो सारे दल ही एक जैसे है, क्या कांग्रेस, क्या बीजेपी और क्या सपा-बसपा!
फिर भी मुझे मजबूरी में किसी एक पार्टी को वोट देकर आना पडा था क्युकी मैं एक जागरूक नागरिक हूँ और चुनाव में वोट डालना हर जागरूक नागरिक का कर्तवय समझता हूँ ..
पूछो मत मजबूरी में एक
 भ्रष्ट पार्टी के बदले दूसरी भ्रष्ट पार्टी को वोट देने से उतनी ही पीड़ा होती थी जितनी अपने पहले प्रेम को जबरदस्ती भूलने पर हुई थी..

अब मैं बड़ा खुश हूँ अरविन्द भाई ने हमसे वादा किया है की वो इमानदार प्रत्याशियों को ही चनाव लडवाएंगे, चुनाव का प्रत्याशी क्षेत्र की जनता खुद तय करेगी! अगर फिर भी कोई आम आदमी पार्टी का नेता भ्रष्टाचारी निकल गया तो उसको वापस बुलाने के लिए राईट टू रिकाल की सुविधा भी देश के नागरिको को दी जायेगी...

अब भी भला अगर में "आम आदमी पार्टी" का समर्थन ना करू तो फिर मैं आम आदमी नही क्या मुझे भ्रस्ताचार मुक्त भारत नही चाहिए?
क्या मुझे भ्रष्ट सांसदों को वापस बुलाने के लिए राईट टू रिकाल नही चाहिए?
अगर कोई कहे की हम अरविन्द भाई के द्वारा राजनीती में किये जा रहे बदलाव से, उनकी इन सभी बातो से सहमत नही है तो यकीन मानिए वो किसी नेता के चमचे ही है, "आम आदमी" नही!

पर आप तो आम आदमी है ना बोलो करोगे "आप" का समर्थन?

या करोगे दोनों में से किसी एक पाप का समर्थन?

वोट "आप"का भविष्य "आप"का!
अब फैसला भी "आप"का

आर्यन कोठियाल{ एक आम आदमी}

आम आदमी समर्थित पेजों पर गाली-गलोच

हांजी ये एक सत्य है जितने भी "आम आदमी पार्टी" समर्थित पेज फेस बुक पर बने है वंहा पुरे दिन हरेक पोस्ट पर बिना ये देखे की पोस्ट पर क्या लिखा है सभी खास आदमी (नेताओ के चमचे) गालिया लिख लिख कर जाते है शायद उन्हें इस से एक मानसिक सकूं मिलता है... खेर.. वो अपना काम करे और हम अपना..
पुरे दिन "आम आदमी पार्टी" समर्थित पेजों में गालिया लिख कर आने वाले नेताओ के चमचो के लिए एक आम आदमी द्वारा:-

मुझे मेरी काबिलियत पर शक कराने वालो,
पहले अपनी बुनियाद की गहराई तो जांच लो!
अपनी इमारत जो तुमने पैत्रक नीव पर खड़ी की है,
उसकी गारंटी के कागज तो जांच लो!
वो पुरानी ईंटे कब तक तेरा वजन DHO पाएंगी
जिस दिन तूने अहम का पैर भारी किया...
उस दिन वो DEH जायेंगी!
मुझे छोटे बड़े का पाठ पड़ाने वालो, 
पहले अपने स्कूली बस्ते की किताबे तो छान लो!

"आर्यन कोठियाल"{एक आम आदमी}

नेताओ के चमचे और कुत्ते?

एक नेताजी ने कुत्ता पाला था। ना-ना, मेरा आशय किसी चमचे से नहीं है। वह तो राजनीति का स्थायी भाव है। बिना चमचों के तो राजनीति ही नहीं होती। मैं दो पायों की नहीं, चौपायों की बात कर रहा हूँ । नेताजी का कुत्ता, नेताजी के प्रभाव से वाकिफ था। इसलिए कई बार वह नेता से ज्यादा भौंका करता था। 
एक दफे नेताजी के कुत्ते ने एक गरीब कवि को काट लिया। पूरा किस्सा कवि ने ही मुझे सुनाया। कविता की चंद पंक्तियों में सु
न लीजिए -
नेताजी के कुत्ते ने काटा जो गरीब को,
बोले चमचे, ''तू सामने क्यों आया था।
नेताजी का कुत्ता भी वीआईपी जीव है,
हमने तुझको पहले भी बताया था।
नेता से ज्यादा 'पावरफुल' अरे कुत्ता है
हाय 'ब्लडीफुल' तू समझ न पाया है।
नेता की खबर तो ऐसे ही छपा करे,
समाचार कुकुर के बॉक्स में आया है।''
कुत्ते के काटने की खबर अ$खबारों में बॉक्स न्यूज के रूप में छपी थी। रोचक खबर थी न कि मंत्री के कुत्ते ने किसी को काट काया। खैर, नेता के चमचों ने कवि को समझा कर, धमका कर चलता कर दिया तो कवि थाने जा पहुँचा। उसने थानेदार से जो कुछ कहा, उसे भी कविता की चंद पंक्तियों में सुन लीजिए। उसने कहा -
''थानेदार सुन लो अरज हमारी ये,
हमको के कुत्ते ने काटा है।
फौरन रिपोर्ट लिखो कार्रवाई तुम करो,
गरीबी में गीला मेरा हो गया आटा है।''
थानेदार मुसकाया फिर समझाया उसे-
''लिख लूँ रिपोर्ट पर मुझे कौन बचाएगा,
तुझको नेता के कुत्ते ने काटा था,
मुझको नेता का बच्चा काट खाएगा।''
कवि थाने से भी वापस लौट गया कि अब कहीं भी शिकायत करने से कोई फायदा नहीं। बेहतर है कि पहले इंजेक्शन लगवाओ। बेचारा अपनी सायकल बेच कर इंजेक्शन का इंतजाम करने में भिड़ गया।
तो भैया, बंगलों के कुत्ते अनंत और कुत्तों की कथा अनंता। ऐसे कुत्तों के भाग पर आप आँसू बहाइए तो बहाते रहिए, अपनी बला से। आप आँसू बहाइए, कुत्ता खुशी से इतराएगा।
एक सज्जन बेहद दुखी थे। एक-एक बूँद पानी के लिए तरस रहे थे और उधर कुत्ते पर पानी बहाया जा रहा था। यह दृश्य देख कर वे बोले- ''मैं भी अगले जनम में कुत्ता बनूंगा।''
''सिर्फ कुत्ता बनने की कामना करो तो मैला- कुचैला खाते हुए, हर जगह लतियाए जाओगे।'' मैंने कहा, 'अरे, प्रार्थना ही करनी है तो करो, कि ऊपर वाला तुम्हें किसी सेठ, सेठ भी नहीं: सेठानी, मैडम, आंटी, मेमसाहब आदि-आदि का कुत्ता बनाए ताकि तुम भी वीआईपी जीवन जी सको, और मरो भी तो शान की मौत!''
मेरी सलाह पर सज्जन वीआईपी कुत्ता बनने की प्रार्थना करने लगे। मैं भी प्रभु से प्रार्थना करने लगा, कि मुझे तो तू अगले जन्म में भी मनुष्य ही बनाना और अभावों के बीच भी स्वाभिमान का भाव बरकरार रखना। न तो मुझे कुत्ता बनाना और न ही किसी नेता का चमचा।

नोट:- कुत्ता शब्द नेताओ क चमचो के लिए प्रयोग नही किया गया है:)

आर्यन कोठियाल"(एक आम आदमी)

सोमवार, 26 नवंबर 2012

सत्ता में आने के 6 महीने के भीतर भ्रष्ट मंत्रियों को जेल: केजरीवाल

नई दिल्ली : अरविंद केजरीवाल ने आज ‘आम आदमी पार्टी’ (आप) की औपचारिक शुरुआत की और कहा कि पार्टी के सत्ता में आने के छह महीने के भीतर ‘‘भ्रष्ट’’ मंत्री जेल भेज दिए जाएंगे। जंतर-मंतर पर हजारों की तादाद में इकट्ठा हुए लोगों को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने इस बात पर भी जोर दिया कि ‘आप’ के सत्ता पर काबिज होने के 15 दिनों के अंदर संसद में लोकपाल विधेयक पारित करा लिया जाएगा।

केजरीवाल ने कहा, देश में भ्रष्ट मंत्रियों और नेताओं की फेहरिस्त का कोई अंत नहीं है। इन सब लोगों पर मुकदमा दर्ज होना चाहिए और यदि आरोप साबित हो जाते हैं तो उन्हें जेल भेज दिया जाना चाहिए। भारतीय राजस्व सेवा के पूर्व अधिकारी केजरीवाल ने कहा, मैं आप सभी को भरोसा दिलाता हूं कि यदि आम आदमी की पार्टी और आम आदमी सत्ता में आते हैं तो इन सभी लोगों पर मुकदमा चलाया जाएगा और छह महीने के भीतर इन्हें जेल भेज दिया जाएगा।


पूर्व कानून मंत्री शांति भूषण और पूर्व नौसेना अध्यक्ष एडमिरल एल- रामदास के साथ केजरीवाल ने लोगों को बताया कि उनकी पार्टी औरों से किस तरह अलग है। उन्होंने कहा कि बाकी राजनीतिक पार्टियां आजादी के बाद से ही देश को लूटती रही हैं। 

केजरीवाल ने यह घोषणा भी की कि झारखंड उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति भगवती प्रसाद शर्मा और एडमिरल रामदास उनकी पार्टी के पहले ‘‘आंतरिक लोकपाल’’ के सदस्य होंगे। आंतरिक लोकपाल पार्टी के सदस्यों और कार्यकर्ताओं के खिलाफ आरोपों की जांच करेगा।

रेमॉन मैग्सायसाय अवॉर्ड से नवाजे जा चुके केजरीवाल ने कहा कि साल 2014 के आम चुनावों में एक अलग किस्म की राजनीतिक लड़ाई लड़ी जाएगी। इन चुनावों में दो राजनीतिक दल के बीच नहीं बल्कि नेताओं और आम आदमी के बीच लड़ाई लड़ी जाएगी।

केजरीवाल ने कहा, अब यह नेता बनाम आम आदमी की लड़ाई होगी। पिछले 65 साल से संघर्ष कर रहा आम आदमी, अपनी पार्टी बनाने और संसद में बैठने जा रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता से नेता बने केजरीवाल ने कहा कि 26 नवंबर को मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था में बदलाव के लिए क्रांति की शुरुआत के दिन के तौर पर याद रखा जाएगा।

केजरीवाल ने कहा, हमें नेताओं से वह सत्ता वापस लेनी है जो 65 साल पहले हमने उन्हें सौंपी थी। हम पहली श्रेणी के नागरिक हैं लेकिन तीसरी श्रेणी की सरकार के हाथों सताए हुए हैं। हमें लगता था कि ये नेता हमारे लिए लड़ेंगे। लेकिन वे तो देश को लूट रहे हैं।

उन्होंने अपने समर्थकों को चार शपथ भी दिलायी जिनमें शामिल हैं, - मैं न तो कभी रिश्वत लूंगा या लूंगी और न ही कभी रिश्वत दूंगा या दूंगी, ‘‘मैं कभी भी शराब की एक बोतल, पैसे या साड़ी के लिए अपने वोट को नहीं बेचूंगा या बेचूंगी’’, ‘‘मैं हर चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग करूंगा या करूंगी’’ और ‘‘मैं अपनी जाति या धर्म के मुताबिक मतदान नहीं करूंगा या करूंगी। उन्होंने कहा कि जो भी पार्टी का संस्थापक सदस्य बनना चाहता है वह अगले शनिवार तक ऐसा कर सकता है। 
केजरीवाल ने कहा कि उनकी पार्टी अपने कामकाज में पारदर्शिता बरतेगी और अपने सभी खर्च और पार्टी को मिलने वाले दान को वेबसाइट पर अपडेट करेगी । उन्होंने कांग्रेस और भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि वे अपने पास उपलब्ध धनराशि को सार्वजनिक करें और गुजरात चुनाव में विज्ञापन मद में जो पैसे खर्च कर रही हैं उन्हें भी लोगों को बताएं।

केजरीवाल ने कहा, क्या उनमें उन्हें सार्वजनिक करने की हिम्मत है ? ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त किए गए केजरीवाल ने कहा कि जवानों और किसानों को प्राथमिकता देनी चाहिए और यदि कोई जवान देश के लिए लड़ते हुए शहीद हो जाए तो उसके परिवार को कम से कम एक या दो करोड़ रुपए दिए जाने चाहिए।

केजरीवाल ने कहा, यदि कोई शख्स क्रिकेट में शतक लगाता है तो उसे एक करोड़ या दो करोड़ रुपए दिए जाते हैं। मैं यह नहीं कह रहा कि उन्हें इतने रुपए नहीं दिए जाने चाहिए लेकिन सेना के जवानों को भी इतने रुपए मिलने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की संप्रग सरकार ने ‘‘रिलायंस कंपनी के दबाव की वजह से’’ जयपाल रेड्डी को पेट्रोलियम मंत्री के पद से हटाया। केजरीवाल ने कहा कि सरकार ने कंपनियों के सिर से पांच लाख करोड़ रुपए कर का बोझ हल्का किया लेकिन आम आदमी को इस मामले में कोई राहत नहीं दी।